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Poem on Gandhiji in Hindi || गांधीजी पर 5 लोकप्रिय कविताएं

Poem on Gandhiji in Hindi:- नमस्कार दोस्तों आज एक बार फिर आपका हमारी पोस्ट पर स्वागत है आजकी हमारी पोस्ट में हम आपको हमारे राष्टीय पिता गांधीजी जी की कविताओं का कुछ मजेदार सग्रह लाये है। आप सभी अच्छे से जानते है गांधीजी एक अहिंसा वादी इंसान थे वे कभी अहिंसा पर विशवास नहीं रखते थे। अगर ाकज हमारे भारत देश को आजादी मिली है तो उसमे भी गांधीजी को योगदान रहा है इन्होके आलावा भगत सिंह , सुखदेव राजगुरु ऐसे काफी देशभक्त है जिन्होके बलिदान दे हमे आजादी मिली और हम आज स्वतंत्र पूर्वक रह रहे है। हमारी पोस्ट की और चलने से पहले हम गांधीजी जी के जीवन से जुडी कुछ रोचक बाते जान लेते है। 

गांधीजी का जीवन परिचयदोस्तों हमारे देश में हर साल 2 अक्टूबर को एक राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाई जाती है हर साल 2 अक्टूबर को सभी विधालय कॉलेज और ऑफिस का अवकाश होता है। इस दिन सभी गाँधी जी की पुण्य तिथि पर उन्होको श्रद्धांजलि देते है। गन्दी जी एक अहिंसा वादी इंसान थे ये चरखा चलाते थे और बदन पर सिर्फ एक गमछा रहता था गाँधीजी ने देश को आजादी दिलाने के लिए काफी साल परिश्रम किया यहां तक की इन्होने दांडी यात्रा, सत्याग्रह आंदोलन ,ऐसे कई आंदोलन चलाये जिसकी वजह से हमारा देश को साल 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ। और साल 1948 जनवरी 30 को नाथूराम गोडसे ने गाँधी जी की गोली मार कर हत्या कर दी और ये महान विभूति हमे अलविदा कह गई। तो आइये चलते है हमारी पोस्ट की और में उम्मीद करता हूँ की आपको ये आर्टिकल जरूर पसंद आएगा।

Poem on Gandhiji in Hindi || गाँधी जी पर कविता 

Gandhi ji poem in Hindi – राष्ट्रीय पिता पर कविता

राष्ट्रपिता जो कहे जाते है,
प्यार से बापू उन्हें बुलाते हैं।
जिन्होंने देश को आज़ाद कराया।
सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाया।
महात्मा गांधी वो कहलाते हैं।

उन्होंने विलास को छोड़कर,
अपना जीवन देश की आज़ादी में लगाया।
विदेषी कपड़ों को त्याग कर उसने ।
देशी का महत्व समझाया।

कई आंदोलन और सत्याग्रह किये।
अंग्रेजों से लड़ने के लिए,
लोगों को अपने साथ किये,
देश को आज़ाद कराने के लिए।

सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलकर।
अंग्रेजों से लड़ी लड़ाई।
अपना तन मन धन सब कुछ सौंप दिया
अपने आपको पूरा झोंक दिया।
अंत तक लड़ी लड़ाई देश को आज़ादी दिलायी.

Poetry on Mahatma Gandhi in Hindi

देखो महात्मा गाँधी की जयंती आई,

बच्चों के चेहरों पर मुस्कान है लाई।

हमारे बापू थे भारतवर्ष के तारणहार,

आजादी के सपने को किया साकार।

भारत के लिए वह सदा जीते-मरते थे,

आजादी के लिए संघर्ष किया करते थे।

खादी द्वारा स्वावलंबन का सपना देखा था,

स्वदेशी का उनका विचार सबसे अनोखा था।

आजादी के लिए सत्याग्रह किया करते थे,

सदा मात्र देश सेवा के लिए जीया करते थे।

भारत की आजादी में है उनका विशेष योगदान,

इसीलिए तो सब करते हैं बापू का सम्मान,

और देते है उन्हें अपने दिलों में स्थान।

देखो उनके कार्यो कभी भूल ना जाओ,

इसलिए तुम इन्हें अपने जीवन में अपनाओ।

तो आओ सब मिलकर सब झूमें गाये,

साथ मिलकर गाँधी जयंती का यह पर्व मनायें।

Poetry on Gandhi Jayanti in Hindi

बापू देख तेरा हिन्दुस्तान
याद रखे तेरी पहचान
नोटों में है तेरी फोटो
वोटो में है तेरा नाम

बच्चे जपते सुबह शाम
नेता भी निकाले काम
सारा देश करे प्रणाम
छिपा तुझ में हिन्दुस्तान

आजादी तूने दिलाई
अंग्रेजों को धुल चटाई
ना बम फोड़ा बन्दूक चलाई
अंग्रेजी हुकूमत की हुई विदाई

तु भारत की गौरव गाथा
तु भारत का है अभिमान
बन भारत का भाग्य विधाता
बना स्वतंत्रता की तु पहचान

poem of gandhiji in hindi

गौरों की ताकत बाँधी थी गाँधी के रूप में आंधी थी,
बड़े दिलवाले फकीर थे वो पत्थर के अमिट लकीर थे वो,
पहनते थे वो धोती खादी रखते थे इरादें फौलादी,
उच्च विचार और जीवन सादा उनको प्रिय थे सबसे ज्यादा,
संघर्ष अगर तो हिंसा क्यों खून का प्यासा इंसा क्यों,
हर चीज का सही तरीका है जो बापू से हमने सिखा है,
क्रांति जिसने लादी थी सोच वो गाँधी वादी थी,
उन्होंने कहा करो अत्याचार थक जाओगे आखिरकार,
जुल्मों को सहते जाएंगे पर हम ना हाथ उठाएंगे,
एक दिन आएगा वो अवसर जब बाँधोगे अपने बिस्तर,
आगे चलके ऐसा ही हुआ गाँधी नारों ने उनको छुआ,
आगे फिरंग की बर्बाद थी और पीछे उनकी समाधि थी,
गौरों की ताकत बाँधी थी गाँधी के रूप में आंधी थी।

Best Poem on Gandhiji in Hindi

माँ खादी की चादर दे दो मैं गाँधी बन जाऊँगा,
सभी मित्रों के बीच बैठकर रघुपति राघव गाऊंगा,
निक्कर नहीं धोती पहनूँगा खादी की चादर ओढुंगा,
घड़ी कमर में लटकाऊँगा सैर-सवेरे कर आऊँगा,
कभी किसी से नहीं लडूंगा और किसी से नहीं डरूंगा,
झूठ कभी भी नहीं कहूँगा सदा सत्य की जय बोलूँगा,
आज्ञा तेरी मैं मानूंगा सेवा का प्रण मैं ठानूंगा,
मुझे रूई की बुनी दे दो चरखा खूब चलाऊंगा,
गाँव में जाकर वहीँ रहूँगा काम देश का सदा करूँगा,
सब से हँस-हँस बात करूँगा क्रोध किसी पर नहीं करूँगा,
माँ खादी की चादर दे दो मैं गाँधी बन जाऊंगा।

Mahatma Gandhi was an amazing leader who fought for the rights of all people. He was a man of peace who believed in nonviolent resistance. Gandhi was also a great writer and thinker, and his words have inspired many people around the world Gandhi ji poem.

Today, we’re sharing a poem on Gandhiji in hindi that captures his spirit and legacy. This poem was written by Indian poet Jagdish Prakash, and it’s called “Gandhiji.”

Poem on Gandhiji in Hindi:- दोस्तों में उम्मीद करता हूँ की आपको महात्मा गांधीजी पर लिखी कविता पढ़कर मजा आया होगा। आज इन कविताओं ने एक बार फिर हमारे महात्मा गांधीजी की याद दिला दी ये वो महान इंसान हुए जिसने किसी की नहीं सोची सिर्फ सर झुका कर चलते रहे और देश को आजादी दिला दी। दोस्तों अगर आप भी महात्मा गंधी जी को प्यार करते हो तो उन्होको आप इन कविताओं के माध्यम से अपने अंदर जिन्दा रख सकते हो। और हां poem गांधी जयंती पर कविता शेयर करना ना भूले।

 

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