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Poems on Diwali in Hindi || 40 + बेस्ट दिवाली कविताएं

Poems on Diwali in Hindi:- नमस्कार, दोस्तों आप सभी को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाये, आज हम आप सभी के लिए दिवाली पर बधाई कविताओं का शानदार संग्रह आज आपके साथ शेयर करने जा रहे है।

आप सभी जानते है की दिवाली का त्योहार भारत में कितनी बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। ये त्यौहार भगवान् श्री राम के अयोध्या आने पर बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन सभी अपने घर के बहार दीये जलाकर श्री राम का स्वागत करते है। और अपने पडोसी वे रिश्तेदारों को गले मिलकर और दिवाली की बधाई शायरी, दीवाली की कविताये सुनकर एक दूसरे को दिवाली की शुभकामनाये देते है। तो आज ऐसी ही कुछ पोस्ट आज हम आपके लिए लाये है। मुझे उम्मीद है। आपको हमारी पोस्ट पसंद आएगी।

Poems on Diwali in Hindi – दीवाली कविता

Diwali Vali Kavita

फैल गयी दीपों की माला
मंदिर-मंदिर में उजियाला,
किंतु हमारे घर का, देखो, दर काला, दीवारें काली!
साथी, घर-घर आज दिवाली!
हास उमंग हृदय में भर-भर
घूम रहा गृह-गृह पथ-पथ पर,
किंतु हमारे घर के अंदर डरा हुआ सूनापन खाली!
साथी, घर-घर आज दिवाली!
आँख हमारी नभ-मंडल पर,
वही हमारा नीलम का घर,
दीप मालिका मना रही है रात हमारी तारोंवाली!
साथी, घर-घर आज दिवाली!

poem on diwali in hindi by famous poets

पर्व है पुरुषार्थ का,
दीप के दिव्यार्थ का,
देहरी पर दीप एक जलता रहे,
अंधकार से युद्ध यह चलता रहे,
हारेगी हर बार अंधियारे की घोर-कालिमा,
जीतेगी जगमग उजियारे की स्वर्ण-लालिमा,
दीप ही ज्योति का प्रथम तीर्थ है,
कायम रहे इसका अर्थ, वरना व्यर्थ है,
आशीषों की मधुर छांव इसे दे दीजिए,
प्रार्थना-शुभकामना हमारी ले लीजिए!!
झिलमिल रोशनी में निवेदित अविरल शुभकामना
आस्था के आलोक में आदरयुक्त मंगल भावना!!!

poem on diwali in hindi for class 2

 है दीप पर्व आने वाला
हमको भी दीप जलाना है
मन के अंदर जो बसा हुआ
सारा अंधियार मिटाना है

हम दीप जला तो लेते हैं
बाहर उजियारा कर लेते
मन का मंदिर सूना रहता
बस रस्म गुजारा कर लेते

इस बार मगर कुछ नया करें
अंतस का दीप जगाना है

बाहर का अंधियार मिटा
फिर भी ये राह अबूझी है
जब तक अंतर्मन दीप बुझा
देवत्व राह अनबूझी है

सद्ज्ञान राह फैलाकर के
सारा मानस चमकाना है
है दीप पर्व आने वाला।

best poem on diwali in hindi

दीप जलाओ दीप जलाओ
आज दिवाली रे |
खुशी-खुशी सब हँसते आओ
आज दिवाली रे।
मैं तो लूँगा खील-खिलौने
तुम भी लेना भाई
नाचो गाओ खुशी मनाओ
आज दिवाली आई।
आज पटाखे खूब चलाओ
आज दिवाली रे
दीप जलाओ दीप जलाओ
आज दिवाली रे।
नए-नए मैं कपड़े पहनूँ
खाऊँ खूब मिठाई
हाथ जोड़कर पूजा कर लूँ
आज दिवाली आई।

poem in diwali in hindi

आओ मिलके दिए जलाये,
अँधेरे संसार में एक बार फिर उजाला ले आये,

आओ मिलके खुशियां मनाये,
सारे दुःख धुर भगाये,

आओ मिलके मिठाई खाये,
अपने अंदर मिठास जगाये,

आओ मिलके नाचे गाये,
मधुर ये संसार बनाये,

आओ मिलके फटाके जलाये,
और साथ में धूम मचाये,

आओ मिलके हस्सी के ठहाके लगाए,
खिलखिलाता यह संसार बनाये|

Small poem on Diwali in Hindi

दिवाली के अवसर पर,
खूब सारी खुशियां मनाओ,

नाचो गांव धूम मचाओ,
घर-घर में दीप जलाओ,

गरीबों को आनाज खिलाओ,
और खुद मां बाप के साथ समय बिताओ,

थोड़े बहुत फटाके जलाओ,
प्रदूषण को ना तुम भड़काओ,

अपने अंदर की बुराई मिटाओ,
हस्ते खेलते जीवन लुटाओ,

खूब अच्छे से दिवाली बनाओ,
हसो खेलो और नाचो गाओ|

दिवाली की हार्दिक शुभकामनाये!

 

Poems on Diwali in Hindi:- दोस्तो  में आशा करता हूँ की आपको हमारी दिवाली कविता पर लिखी पोस्ट आपको पसंद आई होगी। इन पोस्ट के माध्यम से आप दिवाली पर अपने दोस्त रिश्तेदार को दिवाली की बधाई दे सकते है। अगर आपको भी दिवाली पसंद है तो आप इन कविताओं को पोस्ट करना ना भूले। 

 

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